नमन मंच
नमन मंच
दिनांक 27/11 /2025
प्रदत्त विषय ;अंँधियारे का अंत विधा कुंडलिया
निश्चय होगा एक दिन ,अंँधियारे का अंत।
चिरस्थाई कुछ नहीं, समय बड़ा बलवंत।।
समय बड़ा बलवंत, नहीं हिम्मत हारो प्यारे।
सबको मौका एक, कहा करते हैं सारे।।
अडिग रहे जो लक्ष्य, उसी की होती जय जय।
डटे रहे मैदान, विजय मिलती है निश्चय।।
__अशोक झा ‘दुलार’
मधुबनी (बिहार)
“रचना स्वरचित एवं मौलिक है/”