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27 Nov 2025 · 1 min read

कर्म ही सबसे बड़ी आराधना,

कर्म ही सबसे बड़ी आराधना,
व्यर्थ है सर टेकना दरबार में।

डॉ रागिनी स्वर्णकार,इंदौर

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