#मुक्तक...
#मुक्तक…
समायोचित सलाह।
(प्रणय प्रभात)
“उनके मतलब इक तरफ़ हैं अपनी सेहत इक तरफ़।
दोगले नाते अगर ऐंठे तो फिर ऐंठे रहें।।
क्या रखा है घर के बाहर, जानलेवा ठंड में।
जिस्म पर डाले रजाई, चैन से बैठे रहें।।”
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संपादक
न्यूज़&व्यूज
श्योपुर (मप्र)