दिलों को तोड़ जाता है
दिलों को तोड़ जाता है
रिश्तों में खटास लाता है
हम स्वार्थी नहीं हो सकते हैं
स्वार्थ सिर्फ़ विनाश लाता है
स्वार्थ के सिद्ध होने से
मनचाहा कुछ होने से
व्यक्ति प्रसन्न हो जाता तो
हर इंसान जीता खुशी से
_ सोनम पुनीत दुबे