जय श्रीराम
भव्य ध्वजारोहण (कुण्डलिया)
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जन्मभूमि पर राम का, मन्दिर है अति भव्य।
ध्वजा सनातन धर्म की, केसरिया है दिव्य।
केसरिया है दिव्य, यही पहचान हमारी।
नतमस्तक है आज, देखिए दुनिया सारी।
कहते वैद्य सुरेन्द्र, गर्व का भाव हृदय भर।
दर्शन करते भक्त, राम की जन्मभूमि पर।
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लहर लहर लहरा रही, धर्म ध्वजा साकार।
अयोध्या में श्रीराम की, गूंज उठी जयकार।
गूंज उठी जयकार, पूर्ण निर्माण हो गया।
जागा भारत देश, सर्व कल्याण हो गया।
भगवा की पहचान, बनी हर ग्राम हर नगर।
सिंधु सनातन भाव, की उठी मनों में लहर।
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–सुरेन्द्रपाल वैद्य