"इक आखरी बस मुलाकात को, चले आइए कुछ सवालात को"
इक आखरी बस मुलाकात को, चले आइए कुछ सवालात को।
पैरों की पायल को आराम दो, के खलल ना पड़े नींद में रात को।
तेरी बातों में मेरा यदि जिक्र होगा, तो आंखों में अश्कों की बारिश रहेगी।
दीवानों की हालत दीवानों से पूछो, कि मर के भी मिलने की ख्वाहिश रहेगी।
मेरी मजबूरियां तुम ही समझें नहीं, तो जमाने से कैसी शिकायत रहेगी।
तेरी आंखों में काजल रहा गर सलामत, तो कैसे मुहब्बत सलामत रहेगी।
आधी अधूरी सी बातें हमारी, मुकम्मल करो मिलकर हर बात को।
इक आखिरी बस मुलाकात को, चले आइए कुछ सवालात को।
मेरी तस्वीर अब भी किताबों में है, या तकिये के नीचे सिरहाने रखें हो।
मुझसे मिलने की अब भी दुआ मांगते हो, या खुदा से भी बातें छुपाने लगे हो।
आज फिर से तमन्ना तेरा साथ हो, लफ्ज दो ही सही पर कोई बात हो।
वादे जितने भी हमने किये थे कभी, कुछ तुम्हे याद हो कुछ हमें याद हो।
मेरी खामोशियों को भी समझा करो, लफ्ज़ कह ना सके मेरे हालात को।
इक आखिरी बस मुलाकात को, चले आइए कुछ सवालात को।
कुमार अखिलेश
देहरादून (उत्तराखंड)
मोबाइल नंबर 09627547054