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26 Nov 2025 · 1 min read

अब कहां मिलेंगे ?

अब कहां मिलेंगे ?
रिश्ते जो टूट गये ,
अब कहां जुड़ेंगे ?
साथी जो छूट गये ,
अब कहां मिलेंगे ?
पल जो गुज़र गये ,
अब कहां मिलेंगे ?
उम्र जो बीत गई ,
अब कहां मिलेगी ।
सपने जो टूट गये ,
अब कहां बुनेंगे ?
बचपन के बेफिक्र पल,
अब कहां मिलेंगे ?
वो जो कल बच्चे थे ,
अब जवां मिलेंगे ।
वो जो कल जवां थे ,
अब बूढ़े मिलेंगे ।
वो जो कल बूढ़े थे ,
अब ना यहां मिलेंगे ।
तो जो आज साथ हैं ,
आओ ! उनसे प्यार करें ।
उनके ऊपर ही चलो ,
प्रेम की बौछार करें ।
अपने जो साथ हैं ,
उन्हीं पे जाँ निसार करें ।

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