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26 Nov 2025 · 1 min read

आधुनिक संन्यासी

आधुनिक संन्यासी

ये आजकल के साधू क्या ?
जिनको बस भोजन की चिंता ।
जीवन में कितना कुछ खोते ।
पर ये भी बस धन को रोते ।
ये देते केवल उन्हें ज्ञान ।
जो व्यक्ति होते हैं धनवान ।
ये आजकल के साधू क्या ?
जो करते जनता की निंदा
अब लोग न इनके दर जाते
बल्कि ये ख़ुद चलकर आते ।
भक्ति में समय लगाते कम ।
बस बातों से बहलाते मन ।
ईश्वर की करते कम पूजा ।
पर पेट की सर्वोत्तम पूजा ।
परिवार कभी का छोड़ चुके ।
पर मोह अभी न छोड़ सके ।
रखते तो हैं साधू का वेश ।
पर मन में सबके प्रति द्वेष ।
एक साधू का भी जीवन क्या ?
जिसने चाहा दुत्कार दिया ।
एक साधू का जीवन ऐसा ।
तो अपना जीवन ही भला ।
जो कर देता ख़ातिर नित्य ।
वो कहलाता सच्चा शिष्य ।
भगवान कहीं मिल जाओ तुम ।
तो पूछूं संन्यासी के गुण ।
हे ईश्वर ! तुझसे यही वंदन ।
हर साधू को दे अच्छा मन ।
हर साधू को दे सच्चा मन ।

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