क्या पाने की होड़ में,
क्या पाने की होड़ में,
करते नित्य प्रपंच ।
दौड़ -दौड़ थक हार कर,
छूटे जग का मंच ।।
सुशील सरना / 26-11-25
क्या पाने की होड़ में,
करते नित्य प्रपंच ।
दौड़ -दौड़ थक हार कर,
छूटे जग का मंच ।।
सुशील सरना / 26-11-25