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26 Nov 2025 · 1 min read

नमन मंच,

नमन मंच,
दिनांक : 26 /11 /2025 दिन: बुधवार
मुक्तक विषय : प्रहरी

प्रहरी बनकर हैं खड़े, सीमा डटे जवान।
अन्न उपजते खेत में, जय जय कहो किसान।।
पर्वत नदिया वृक्ष क्या, सूर्य चंद्र भी पूजते,
शस्य-श्यामला देश यह, अपना हिंदुस्तान।।

जड़-चेतन सबके लिए, जहाँ दिखे सम्मान।
अपनी ऐसी सोच है, कण-कण में भगवान्।।
सकल सृष्टि के मूल में, एकमात्र है शक्ति,
प्रकृति जुड़ा अस्तित्व है, साबित किया विज्ञान।।

__ अशोक झा ‘दुलार’ मधुबनी (बिहार)
“रचना स्वरचित एवं मौलिक है/”

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