हिंदी दोहे -दयालु
हिंदी-दोहे बिषय- उदार (दयालु)
‘राना’ हृदय उदार रख, सबको दे सम्मान।।
उसको भी स्वीकार कर,जो देता है ज्ञान।।
दिल्ली मथुरा के बुरे,शकुनि मामा कंश।
पर उदार मामा मिलें,श्री बुंदेली वंश।।
है उदार गौ माँ सुनो,जिसको पूजे देश।
पर हत्यारे कुछ मिलें,जो रखते हैं द्वेष।।
‘राना’ भी पहचान ले,जो जन रहें उदार।
कार्य कुशलता भी कहें,तब उसका व्यवहार।।
बन उदार जो जन चलें,शरण मिले भगवान।
हाथ सफलता भी रहे,जग भी दे सम्मान।।
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✍️ राजीव नामदेव”राना लिधौरी”
संपादक “आकांक्षा” पत्रिका
संपादक-‘अनुश्रुति’त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
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