डीजे
डीजे
फरुआही के भइल सफाया,नाचो अब छितराइल बा
नया जमाना में देखीं,डीजे आके तरनाइल बा
ढोल भाँगडा़,डीजे पर, नाचे ना आज नचनिया
इहाँ ससुर के हाथ पकडि़ के करे नाँच दुलहनिया
कमर भवे के,भसुर कमर से,लचकि-लचकि सटि जाता
छुआछूत के भेद असल में,इहाँ न तनिक लियाता
पहिले पता रहल हs नाहीं,युग अइसनको आई
फुहड़ गीत पर बेटी नाची, बापो कमर हिलाई
लोफरन का संग बेटी के नाचत बापो ना डाँटी
बलकी उलटे खुदहूँ मुसुकी मारी ,चानी काटी
जहाँ सयान बेटी लफुअन के हाथ पकडि़ के नाची
तहाँ बाप के इज्जत बिहने,कवना तरिया बाँची
ना आई बारात घरे,ना कनियादान दिआई
कवनो टूटपुजिया का साथे,बेटी भागि पराई
भाई हमरो,बनल बनावल इज्जत सगरो बुड़ जाई
दू लइकन के माई बिहने,तीजा का सगँ उड़ जाई
पढ़ल-लिखल बाटे समाज ,ज्यादे का बात बढा़वल जा
मन में बात धरत होखे तब,संस्कार अपनावल जा
घर के इज्जत ढोल बजाके,बाहर मति नचवावल जा
अवधू! हार्ट,ब्लडप्रेशर,सुगर से मुक्ती पावल जा
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अवध किशोर ‘अवधू’
मोबाइल नम्बर 9918854285