आखिरी बार तुमसे आज
आखिरी बार तुमसे आज यह कहना है।
मुझको अब प्यार दौलत से यार करना है।।
जैसे तुमको है प्यार दौलत से, मुझसे नहीं।
मुझको यारी अब दौलत से,यार करना है।।
आखिरी बार तुमसे आज——————।।
तुमको है मुझसे प्यार कितना, जानता हूँ मैं।
इरादा जो है तुम्हारा, उसको पहचानता हूँ मैं।।
कभी इज्जत नहीं पायी है, तुमसे यार मैंने।
मुझको भी अब तवज्जो, दौलत को देना है।।
आखिरी बार तुमसे आज—————-।।
कर देता तुमको बर्बाद, और होता अगर।
तुमको बदनाम नहीं किया, मैंने यार मगर।।
अपने खूं से तेरी तस्वीर, मैं बनाता था।
मगर अब वसीयत, तुमको नहीं देना है।।
आखिरी बार तुमसे आज————-।।
कमाना है जिंदगी में मुझको, सिर्फ दौलत।
पाऊंगा तुमसे ज्यादा यार, यहाँ मैं दौलत।।
अपनी मोहब्बत का ताजमहल, जो बनाऊंगा।
इश्के-दौलत-ए-यार, नाम तेरा लिखना है।।
आखिरी बार तुमसे आज—————–।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला-बारां(राजस्थान)