मुझे सिर्फ़ पैसों से मतलब है
तेरे रूप से मुझको मतलब नहीं, मुझे सिर्फ पैसों से मतलब है।
पैसों के सिवा नहीं मोहब्बत किसी से, पैसों से ही मुझको मोहब्बत है।।
तेरे रूप से मुझको मतलब नहीं——————–।।
होगा यदि मेरे पास बहुत पैसा, तो सब कुछ खरीद सकता हूँ मैं।
मुफ़लिस बनकर जीना पसन्द नहीं, अमीर पैसों से बन सकता हूँ मैं।।
तेरे इस मुखड़े से मुझे क्या लेना, मुझे सिर्फ पैसों की चाहत है।
तेरे रूप से मुझको मतलब नहीं———————।।
यह प्यार वफ़ा सब पैसों से हैं, पैसों के बिना प्यार मिलता नहीं।
ये गौरे-गौरे मुखड़े बिकते हैं पैसों में, पैसों के बिना यार मिलता नहीं।।
तेरे इस हुस्न का मैं क्या करूंगा, सिर्फ पैसा ही मेरी इबादत है।
तेरे रूप से मुझको मतलब नहीं———————।।
ये झूठे हैं सारे रिश्तें-नातें, पैसों से ही है अपने और पराये।
पैसों से ही यहाँ होती है इज्जत, पैसों के लिए होती है दुहायें।।
सिर्फ पैसा ही मेरा ख्वाब है, पैसा ही मेरा हाँ मकसद है।
तेरे रूप से मुझको मतलब नहीं——————–।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)