हम विद्युत अभियंता हैं
हम हैं प्रगति के संचालक,
उन्नति के नीति नियंता है।
हाँ..हम विद्युत अभियंता हैं,
हाँ.. हम विद्युत अभियंता हैं।
अंधेरी राहों में हम,
उम्मीद का बल्ब जलाते हैं।
जहाँ छोर है मानवता का,
वहाँ तलक हम जाते हैं।
विषम घड़ी हो कैसी भी,
या कोई कठिन परीक्षा हो
कर्तव्य प्रभा की इक पुकार पर,
भागे दौड़े आते हैं।
हम सत्कर्मों के संवाहक,
नित करते दूर मलिनता हैं।
हाँ.. हम विद्युत अभियंता हैं,
हाँ.. हम विद्युत अभियंता हैं।
राह तके है पत्नी घर पर,
बच्चे भी मुरझाए हैं।
रात हो गई कितनी माँ क्यों,
पापा घर ना आये हैं।
फोन लगाओ अम्मा कहती,
आप भला किस सोच में डूबे
आवश्यक सेवा में है वो,
बाबा फिर समझाए हैं।
जब तक सब ना हो प्रकाशित,
हमें होती नहीं प्रसन्नता है
हाँ..हम विद्युत अभियंता हैं,
हाँ… हम विद्युत अभियंता हैं।
साधारण रूप से असाधारण हैं
अपना एक मात्र उदाहरण हैं
चिर विकास का इंजन हैं
और नवतकनीकों का प्रसारण हैं
सीधी सादी जनता हैं
हाँ… हम विद्युत अभियंता हैं
हाँ…हम विद्युत अभियंता हैं।