★वक्त होता अगर ★
वक्त होता अगर तो तुझ पे मैं निसार हो जाता। तुम्हारी बातों में गालिब के शेरों का खुमार हो जाता। लगाता गले पास बिठाता भी अगर मुझे तुमसे प्यार हो जाता। और फिर तेरे दीदार से ही बनता दिन मेरा । हाय जब मैं हर पल तेरे दीदार का हकदार हो जाता और एक दिन फिर तुम अचानक सामने से आकर लगातीं गले चूमता मैं माथा फिर थोड़ा शर्मसार हो जाता। और फिर खूब करता मैं रश्मअदाई भी फिर रश्मअदाई में जीवन अपना पार हो जाता। ख़ुदा करता ये सब इक बार हो जाता वक्त होता अगर तो तुझ पे मैं निसार हो जाता।। ★IPS KAMAL THAKUR★