सैलाब के बाद की गंभीरता
सैलाब के बाद की गंभीरता
जब सैलाब आता है,
बहुत कुछ अपने साथ बहा ले जाता है,
पर एक ऐसी गंभीरता दे जाता है,
जो जीवन को फिर सही दिशा दिखाती है।
इसलिए किसी भी तूफ़ान से
डरकर खुद को कहीं खो नहीं देना।
थोड़ा सब्र रखकर कदम बढ़ाना उस राह पर,
जिसका सफर न सिर्फ़ मुकम्मल जीत का है ,
बल्कि ज़मीन से आसमां छू लेने का भी है॥
वन्दना सूद