भारत की सेवा करें
कुण्डलिया
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भारत की सेवा करें, सबके हैं अरमान।
आह्वान सुन जाग उठे, सारे वीर जवान।
सारे वीर जवान, शत्रु को धूल चटाएं।
और विजय की राह, निरंतर बढ़ते जाएं।
कहते वैद्य सुरेन्द्र, गूंजते गीत अनवरत।
रुकने का कब काम, बसा है मन में भारत।
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-सुरेन्द्रपाल वैद्य