Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
20 Nov 2025 · 1 min read

लिखा मैं खत जो लोगों को

लिखा मैं खत जो लोगों को
किसी ने उसको ना देखा ,
अधूरी रह गयी चाहत
किसी ने कुछ नहीं पूछा !
सभी हैं मौन इस जग में
नहीं संवाद ही करते !
सभी हैं व्यस्त जीवन में
नहीं पहचान ही करते !!
@परिमल

Loading...