नारायण हरि बोलिए, मनहर पावन नाम।
नारायण हरि बोलिए, मनहर पावन नाम।
पालनकर्ता है यही, सुफल करें हर काम।।
नारायण कर दो कृपा, हर लो कष्ट तमाम।
पुनः धरा पर आ जरा, बनकर तुम श्री राम।।
नारायण को भज रहे, विह्वल आठों याम।
सुनकर रूदन भक्त का, प्रभु छोड़ो निज धाम।।
नारायण इस दीन का, तुझको सदा प्रणाम।
ऐसा दो वरदान प्रभु, यह जग हो अभिराम।।
नारायण नित वंदना, करना “पाठक” काम।
दया दृष्टि तेरी अगर, हो जाएगी नाम।।
:- राम किशोर पाठक (शिक्षक/कवि)