शुभ प्रभात मित्रो !
शुभ प्रभात मित्रो !
खाने में आनंद आता है । किन्तु खिलाने में जो आनंद आता है , उसे केवल नारी ही जानती है ।
वह माँ जो है ।
हैं न ?
जय श्री राधे !
जय श्री कृष्ण !
शुभ प्रभात मित्रो !
खाने में आनंद आता है । किन्तु खिलाने में जो आनंद आता है , उसे केवल नारी ही जानती है ।
वह माँ जो है ।
हैं न ?
जय श्री राधे !
जय श्री कृष्ण !