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19 Nov 2025 · 1 min read

सीधी सट्ट -८३८

सीधी सट्ट -८३८

मध्य वर्ग के लोग ही हर समाज में धर्म और संस्कृति की स्थापना करते हैं और उसका निरंतर निर्वाह करते हैं। इस क्रम में वे स्त्री पुरुष अतिरिक्त परिश्रम और पुरुषार्थ लगाते हैं और अपने हिस्से के प्रतिफल से लोगों की मदद कर समाज का उत्थान करते हैं। निर्धन वर्ग बस भूख और भजन के बीच लोलक बना रहता है जिसे धनी वर्ग के लोग अपनी इच्छानुसार रोटी और राम के दो बिंदुओं के बीच झुलाते हैं और दोलन गति भी वे ही तय करते हैं।

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