मुक्तक
नाम हाथों की लकीरों पे, लिखा है ।
मेरे ख़्वाबों का सदा तू ही सखा है।
धड़कनों की तू,तहों में भी मिलेगा,
दूर है तो क्या,तुझे दिल मे रखा है।।
नाम हाथों की लकीरों पे, लिखा है ।
मेरे ख़्वाबों का सदा तू ही सखा है।
धड़कनों की तू,तहों में भी मिलेगा,
दूर है तो क्या,तुझे दिल मे रखा है।।