कितना भी मुश्किल हो लेकिन, जीवन जीना पड़ता है।
कितना भी मुश्किल हो लेकिन, जीवन जीना पड़ता है।
जीवन है आखिर जीवन में, खुश तो रहना पड़ता है।।
दिल को बहला देने भर से, ग़म में रहना बेहतर है,
ग़म को कम करने की खातिर, हँसकर रहना पड़ता है।
बेशक उड़ने की उम्मीदें, दिल में अपने पाली हैं,
पर जिम्मेदारी सर हो तो, पैदल चलना पड़ता है।
अपनों से गर जंग भी हो तो, खुद ही मर जाना बेहतर,
कुछ पाने की खातिर हमको, कुछ तो खोना पड़ता है।
धीरे धीरे चलना सीखो, जल्दी में भी क्या होगा?
मंजिल पाना है तो हमको, कछुआ बनना पड़ता है।
अभिषेक सोनी “अभिमुख”
ललितपुर, उत्तर–प्रदेश