माया ममता और मेहबूबा
माया ममता और महबूबा कर देती है इंसान को बर्बाद,
बर्बाद होने के बाद,करना ना किसी से कोई फरयाद।।
करना ना कोई फरयाद,ये इंसान को मजधार मे डुबो देती,
फसे रहोगे मजधार मे, किनारे पर तुमको आने न देती।
कह रस्तोगी कविराय,ज़ब इंसान पे पड़ जाती इनकी छाया।
कोई काम नही आता चाहे भले हों महबूबा ममता और माया।।
आर के रस्तोगी गुरुग्राम