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18 Nov 2025 · 1 min read

यूँ बुझे-बुझे से ना चलिए अंधेरी राहों में

यूँ बुझे-बुझे से ना चलिए अंधेरी राहों में
मंज़िलों की चाह में निकले हो अगर
चिराग दिल का जलना जरूरी है

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