Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
18 Nov 2025 · 1 min read

शुभ प्रभात मित्रो!

शुभ प्रभात मित्रो!
हमारी जिन्दगी भी एक बैंक के खाते की तरह से है । हम इसमें यदि ‘हाँ’ जमा करते हैं तो हमें ‘हाँ’ मिल जाते हैं । यदि हमने ‘न’ जमा किये तो हमें ‘न’ मिल जाते हैं ।
आइये कुछ ‘हाँ’ जमा कर लें ।
जय श्री राधे !
जय श्री कृष्ण !
***

Loading...