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18 Nov 2025 · 1 min read

बाल कविता - शरद ऋतु

बाल कविता – शरद ऋतु

शरद ऋतु का हुआ है आना
मौसम हुआ सुहाना ।
पक्षियों ने भी शुरू कर दिया
मीठे सुर में गाना ।

साँझ – सवेरे धूप सुहानी
सबको कितना भाती ।
पक्षियों की सुंदर बोली भी
मन को बहुत लुभाती ।

पंक्ति बनाकर बैठे हैं सब
अनुशासन में जैसे ।
साथ – साथ रहना सब मिलकर
बता रहे हों जैसे ।

प्रीति निभाना इनसे सीखो
सच्ची प्रीत निभाते ।
बच्चों को बचपन से ही यह
आत्मनिर्भर बनाते ।

मौसम कैसा भी हो लेकिन
कभी नहीं घबराते ।
हर मुश्किल में धैर्य धरते
और सफल हो जाते।

मौलिक सृजन
पूनम दीक्षित
कृष्णा विहार कॉलोनी
ज्वाला नगर रामपुर उ. प्र.

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