*सरस्वती वंदना*
सरस्वती वंदना
हे वीणापाणि मांँ, माँ शारदे
तुमको पुकारूँ माँ ,माँ शारदे
ज्ञान की ज्योति माँ हृदय में जला दो
अज्ञान सारा माँ धरा से मिटा दो
हे वीणापाणि मांँ. ……
माँ शारदे तुमको नमन बारम्बार
शीश झुकायें चरणों में बारम्बार
नव गीतों का मांँ हमको आशीष दो
पुष्प चरणों में धरते माँ स्वीकार लो
हे वीणापाणि मांँ. ………
श्वेत हंस पे माँ होकर आसीन
वर मुद्रा में मांँ रहती हो लीन
यशगान तेरा माँ गाऊँ कैसे
मैं अज्ञानी मनाऊँ मांँ कैसे
हे वीणापाणि मांँ. ……
ममतामयी माँ करूणामयी हो
वाणी में मांँ मधुर स भर दो
ज्ञान का माँ आलोक फैलाओ
द्वार तेरे आयी मांँ तमस मिटाओ
हे वीणापाणि मांँ. ….
तुमको पुकारूँ मैं मांँ शारदे
फँसी हूँ भंवर में माँ तारदे
थाम लो मांँ हाथ कृपा बरसाओ
गीतों में मेरे मधु रस भर जा ओ
हे वीणापाणि मांँ. ………
मौलिक सृजन
पूनम दीक्षित
कृष्णा विहार कॉलोनी
ज्वाला नगर रामपुर
उत्तर प्रदेश