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16 Nov 2025 · 1 min read

मन की कलियां

मन की सब कलियां खिल जाए जहां
खुशियां जग की जगमग करती
चेहरा नूरानी आंखों में गहरी झीलें
जहां मीन लगे मचली मन की लगती
चुप चुप ही चुप से बातें
प्रेम सखी हाय डूब गई
कछु देख नजर झुकाय गई
नैन मिले नैनन सूं तो पिय
जिया की जीत छिपाय लई

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