मन की कलियां
मन की सब कलियां खिल जाए जहां
खुशियां जग की जगमग करती
चेहरा नूरानी आंखों में गहरी झीलें
जहां मीन लगे मचली मन की लगती
चुप चुप ही चुप से बातें
प्रेम सखी हाय डूब गई
कछु देख नजर झुकाय गई
नैन मिले नैनन सूं तो पिय
जिया की जीत छिपाय लई
मन की सब कलियां खिल जाए जहां
खुशियां जग की जगमग करती
चेहरा नूरानी आंखों में गहरी झीलें
जहां मीन लगे मचली मन की लगती
चुप चुप ही चुप से बातें
प्रेम सखी हाय डूब गई
कछु देख नजर झुकाय गई
नैन मिले नैनन सूं तो पिय
जिया की जीत छिपाय लई