बजरंगी कर दो कृपा, हुआ भक्त लाचार।
बजरंगी कर दो कृपा, हुआ भक्त लाचार।
किया तिरोहित जग जिसे, आप करो स्वीकार।।
भक्त शिरोमणि की कृपा, करता है उद्धार।
दास तुम्हारे हैं शरण, कर लो जरा विचार।।
राम-भक्त बलवान तुम, तेरी शक्ति अपार।
नाथ दया मुझपर करो, देता जग दुत्कार।।
समय सदा प्रतिकूल है, किसको करूँ पुकार।
साथ नहीं मिलता यहाँ, छल करता संसार।।
कृपा तुम्हारी हो अगर, मिलता है आधार।
कर जोड़े “पाठक” खड़ा, मिल जाए परिहार।।
:- राम किशोर पाठक (शिक्षक/कवि)