धरती आबा मरे नहीं — वे एक विचार बनकर जिंदा हैं, एक क्रांति ब
धरती आबा मरे नहीं — वे एक विचार बनकर जिंदा हैं, एक क्रांति बनकर धड़कते हैं, एक इतिहास बनकर आने वाली हर पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं।
कवि “शाज़”
धरती आबा मरे नहीं — वे एक विचार बनकर जिंदा हैं, एक क्रांति बनकर धड़कते हैं, एक इतिहास बनकर आने वाली हर पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं।
कवि “शाज़”