Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
15 Nov 2025 · 1 min read

शुभ प्रभात मित्रो !

शुभ प्रभात मित्रो !
हम प्रभु को तीर्थों में तलाशते है और मन्दिरों में ढूँढते हैं । काश हम अपने मन के मन्दिर में उन्हें ढूँढने का प्रयास करते तो ये तन ही तीर्थ हो जाता ।
प्रभु घट-घट के वासी हैं ।
जय श्री राधे !
जय श्री कृष्ण !
***

Loading...