शुभ प्रभात मित्रो !
शुभ प्रभात मित्रो !
हम प्रभु को तीर्थों में तलाशते है और मन्दिरों में ढूँढते हैं । काश हम अपने मन के मन्दिर में उन्हें ढूँढने का प्रयास करते तो ये तन ही तीर्थ हो जाता ।
प्रभु घट-घट के वासी हैं ।
जय श्री राधे !
जय श्री कृष्ण !
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