क्या खूब दिन थे
उत्कृष्ट लेखक, इतिहासकार और आधुनिक भारत के निर्माता पंडित जवाहर लाल नेहरू को बच्चों से बहुत लगाव और प्रेम था, इसलिए उनकी जयंती को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। बच्चे नेहरू जी को प्यार से चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। पंडित नेहरू कहते थे कि बच्चे राष्ट्र के निर्माता हैं।
🙏🏻🌹🌹राधे-राधे🌹🌹🙏🏻
✍️’प्रतिभा की डायरी से’✍️
#विषय:- बचपन
#शीर्षक:- क्या खूब दिन थे
बड़ा मजा आता था बचपन में,
खलिहान हमारा घर हो जाता,
सुबह से लेकर रात तक,
मस्ती ही मस्ती सूझती!
धान की सटकाई,
पोरे की बँधाई,
आटा सारे बँध जाने पर,
पुआल का गाझा बनता!
शाम पहर धान के गट्ठर पर,
गोबर का पिण्ड रखा जाता,
सांझ के दीपक से,
अन्नपूर्णा को पूजा जाता!
खलिहानों में दोपहर में,
मजदूरनियों की चौपाल थी सजती,
खा पीकर, गप्पे मार और आराम कर,
फिर काम में जुटती !
क्या खूब दिन थे बचपन के,
यादें खींच ले जाती फिर वहीं
हमे पचपन से,
सब यादें आती हैं बारी-बारी,
क्या खूब खिलती थी त्योहारी।
अब सब सपना बनकर रह गया,
हमारे बच्चे मोबाइल के होकर रह गए।
अपना पतन हम अपनी आँखो से देखते,
पर हम बस अकेलेपन में नैन धोकर रह गए।।
प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई