आज उसकी याद ने फिर से रुला दिया।
आज उसकी याद ने फिर से रुला दिया।
हमने ना की थी बात मग़र मौसम ने कुछ याद दिला दिया।।
कहते फिर रहे थे हम अपने ही अक्स से।
क्या है इसमें नई बात जो कुछ और दिखा दिया।।
खोखला कर गई थी बातें उसके मिजाज़ की।
हमको ही हमारे एतबार ने धड़ाम से गिरा दिया।।
मधु गुप्ता अपराजिता