कौन-ओ-मकाँ में मिलती नहीं सबको यूँ इज़्ज़त
कौन-ओ-मकाँ में मिलती नहीं सबको यूँ इज़्ज़त
हाँ भीड़ जनाज़े की बता देती है शोहरत
-जॉनी अहमद क़ैस
कौन-ओ-मकाँ में मिलती नहीं सबको यूँ इज़्ज़त
हाँ भीड़ जनाज़े की बता देती है शोहरत
-जॉनी अहमद क़ैस