तन्हाई भी साथ नहीं..!
“था शिकवा…गिला करती, यह तो कोई बात नहीं,
तू ऐसे खफा हो गई कि…होती मुलाकात नहीं,
राहों से जो अब गुज़रूँ, परछाई भी ना पास चले,
इस कदर हो गया तन्हा कि तन्हाई भी साथ नहीं।”
-✍️ सुहानता ‘शिकन’
“था शिकवा…गिला करती, यह तो कोई बात नहीं,
तू ऐसे खफा हो गई कि…होती मुलाकात नहीं,
राहों से जो अब गुज़रूँ, परछाई भी ना पास चले,
इस कदर हो गया तन्हा कि तन्हाई भी साथ नहीं।”
-✍️ सुहानता ‘शिकन’