"मेरे मोहब्बत की कदर कर लिया करो "शाज़"
“मेरे मोहब्बत की कदर कर लिया करो,
क्योंकि औरतों को कब्रस्तान जाने की इजाज़त नहीं है…”
— कवि शाहबाज आलम “शाज़”
“मेरे मोहब्बत की कदर कर लिया करो,
क्योंकि औरतों को कब्रस्तान जाने की इजाज़त नहीं है…”
— कवि शाहबाज आलम “शाज़”