मतलब की है ये दुनिया
ये दुनिया,मतलब की है मतलब के सब यार,
मतलब के लिए करते है हम सब झूठा प्यार।
हम सब झूठा प्यार,ज़ब मतलब निकल जाता,
दूर हों जाते है सब,तब निकट कोई नही आता।
कह रस्तोगी कविराय,इसका क्या है मतलब,
मतलब के कारण ही ये चल रही है ये दुनिया।।
आर के रस्तोगी गुरुग्राम