जिस्म कंवारी
मैं तेरे गोद में सर रख दूँ ,तुम जुल्फें डारे रहना
हो जाए खफ़ा दुनिया , तुम पास हमारे रहना
आँखो में शरारत है पलकों में है मस्ती
तेरी दो आँखे हैं , दोनों जहाँ से सस्ती
इन मतवाली आँखों से ,तुम प्यारे – प्यारे रहना
हो जाए खफ़ा दुनिया , तुम पास हमारे रहना
डूबे का सहारा है तृण का बस एक तिनका
तेरी आँखों में डूबे, बस आस है उस दिन का
मैं डूबता ही जाऊँ , तुम बैठ किनारे रहना
हो जाए खफ़ा दुनिया , तुम पास हमारे रहना
क्यों मिली हमारी नज़र हो गई सभी को ख़बर
जादू कर डाला है तेरे हुस्न का जादूगर
ये सम्मोहन शक्ति , तुम यूँ ही धारे रहना
हो जाए खफ़ा दुनिया , तुम पास हमारे रहना
ओ मेरी प्यारी प्यारी , फूलों की फुलवारी
नाजुक हैं अंग तेरे , और है जिस्म कंवारी
हो जाए मिलन अपना, क्यूँ रुत के इशारे रहना
हो जाए खफ़ा दुनिया , तुम पास हमारे रहना