सुनो सब सुख में जीते है,,
सुनो सब सुख में जीते है,,
पर तुम संतोष में जीना।।
सब सुख को चुनते है,,
पर तुम संतोष को चुनना ।।
क्योंकि सुख का कोई राह नहीं होता,,
यह जीवन भर भटकाता हैं,,
पर यदि तुम संतोष चुनोगे ,,
तो जीवन में विश्राम पा जाओगे।।
इसीलिए सब आराम चुनते हैं,,
पर तुम सदैव विश्राम को चुनना ।।
सुनो सब सुख में जीते है,,
पर तुम संतोष में जीना।।