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12 Nov 2025 · 1 min read

*डॉ मनोज रस्तोगी (कुंडलिया)*

डॉ मनोज रस्तोगी (कुंडलिया)
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थाती रखते यत्न से, लिखते हैं इतिहास
शोधालय में आपके, भीतर से उल्लास
भीतर से उल्लास, पुस्तकें बातें करतीं
आपस में मिल-बैठ, विहॅंस कर खूब विचरतीं
कहते रवि कविराय, विरासत की है पाती
श्री मनोज जी धन्य, आपका घर युग थाती
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थाती = धरोहर
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451

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