*डॉ मनोज रस्तोगी (कुंडलिया)*
डॉ मनोज रस्तोगी (कुंडलिया)
________________________
थाती रखते यत्न से, लिखते हैं इतिहास
शोधालय में आपके, भीतर से उल्लास
भीतर से उल्लास, पुस्तकें बातें करतीं
आपस में मिल-बैठ, विहॅंस कर खूब विचरतीं
कहते रवि कविराय, विरासत की है पाती
श्री मनोज जी धन्य, आपका घर युग थाती
————————–
थाती = धरोहर
————————–
रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451