दिखावा
दिखावा करने मे लगे है आज सब लोग,
शादी बर्थडे पार्टी मे बनवाते छप्पन भोग।
बनवाते छप्पन भोग,पैसा व्यर्थ ही जाता,
आधी प्लेट खाकर,बाकी नाली मे जाता।
कह रस्तोगी कविराय,बाद मे होगा पछतावा,
सीधी सादी पार्टी करो,मत करो न दिखावा।।
दिखावा कबूह न कीजिए,पेलो न अपनी शान,
बाद मे पछताओगे,ज़ब आयेगा न कोई काम।
ज़ब आयेगा न कोई काम,सदा तुम रोते रहोगे,
पैसा ज़ब न होगा सबसे अलग तुम ही रहोगे।
कह रस्तोगी कविराय,बाद मे होगा तुम्हे पछतावा,
सोच समझ के काम करो न करो कभी दिखावा।।
आर के रस्तोगी गुरुग्राम