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12 Nov 2025 · 1 min read

थक गया हूं मगर चलना नहीं छोड़ा मैंने,

थक गया हूं मगर चलना नहीं छोड़ा मैंने,
रात गहरी सही,सपना नहीं तोड़ा मैंने।
वक्त के हाथ बहुत ज़ख्म मिले हैं फिर भी,
ज़िंदगी को कभी तन्हा नहीं छोड़ा मैंने।।
~करन केसरा ~

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