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12 Nov 2025 · 1 min read

गणपति वंदन कीजिए, उठकर प्रातः आप।

गणपति वंदन कीजिए, उठकर प्रातः आप।
शुभ फल मिलता है सदा, करके देखो जाप।।
विघ्न विनाशक को भजे, भक्ति-भाव दिन रैन।
एकदंत रखते रहे, मंगलकारी नैन।।
रिद्धि-सिद्धि की कामना, मिलता है शुभ-लाभ।
पुत्र शैलजा की कृपा, रक्षा करे सुनाभ।।
कर जोड़ी विनती करें, सुनिए नाथ गणेश।
क्षमा दान कर भूल का, हरिए सारी क्लेश।।
“पाठक” आया है शरण, कर दो अब उद्धार।
हे लम्बोदर भक्त यह, फँसे नहीं मझधार।।
:- राम किशोर पाठक (शिक्षक/कवि)

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