पापा एक बार
पापा एक बार
वापस आ जाओ
फिर से मुझे गोद में उठाओ
मेरी बक बक को ध्यान से सुनो
अपने हाथों से मुझे खाना खिलाओ
पापा प्लीज़
आ जाओ
देखो तुम्हारी बिटिया
कितनी सयानी हो गई है
छोटी छोटी बातों पर
न ज़िद करती है
न रोती है
अकेले ही घूम आती है
साथ नहीं ढूंढती
तुम रोज़ रात में
मेरा पैर दबाते थे
ये कह कर मेरी
मज़बूत बेटी
और मज़बूत हो जाए
सच हो गया पापा
अब कितना भी दर्द हो
पता ही नहीं चलता
वापस आ जाओ पापा
फिर से गले से लगाओ
एक रात तो सुकून से
सो पाऊं
बस जल्दी से आ जाओ।