'दिखलाता हमको सदा सच्चे-सच्चे चित्र।
‘दिखलाता हमको सदा सच्चे-सच्चे चित्र।
सच में दर्पण की तरह होता सच्चा मित्र।।’
डा सीमा विजयवर्गीय
‘दिखलाता हमको सदा सच्चे-सच्चे चित्र।
सच में दर्पण की तरह होता सच्चा मित्र।।’
डा सीमा विजयवर्गीय