क्यों किसने ऐसा---------- ?
क्यों किसने ऐसा कब जादू किया।
कि हमको यहाँ कोई मिल गया।।
ना मालूम हमें प्यार कैसे हुआ।
क्यों किसने ऐसा—————–।।
हम तो अपनी धुन में, जा रहे थे कहीं पर।
नजर थी हमारी, फ़क़त अपनी मंजिल पर।।
क्यों कैसे हमें यह, साहिल मिल गया।
क्यों किसने ऐसा—————–।।
जबकि यहाँ हमारी, किसी से नहीं यारी।
ना कोई ऐसी है, हमारी लाचारी।।
फिर भी यह दिल, क्यों किसपे आ गया।
क्यों किसने ऐसा—————–।।
जबकि मालूम है हमें, बदल जाता है वक़्त।
बदल जाते हैं रिश्तें, देखकर अपना वक़्त।।
हमको इतना क्यों, यह वास्ता हो गया।
क्यों किसने ऐसा—————–।।
ऐसा हमको क्या अच्छा, आया है यहाँ नजर।
नहीं हो यह दिल जुदा, नहीं हो हम बेनजर।।
क्यों फासला इतना कम, आज हो गया।
क्यों किसने ऐसा—————–।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला-बारां(राजस्थान)