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11 Nov 2025 · 1 min read

*करते आतंकी सदा, भारत मॉं से युद्ध (कुंडलिया)*

करते आतंकी सदा, भारत मॉं से युद्ध (कुंडलिया)
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करते आतंकी सदा, भारत मॉं से युद्ध
इनकी मुखमुद्रा दिखी, सैंतालिस से क्रुद्ध
सैंतालिस से क्रुद्ध, चैन से कभी न जीते
विष बरसाते रोज, हमेशा विष ही पीते
कहते रवि कविराय, हिंद के हाथों मरते
भुगत रहे अंजाम, बुरा पापी जो करते

रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451

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