बाल कुंडलिया
अपना हिन्दुस्तान
विनती है प्रभु आपसे,देना इस पर ध्यान।
हर साधन सम्पन्न हो, अपना हिन्दुस्तान।।
अपना हिन्दुस्तान,लिखे फिर नई कहानी।
बने विश्व सिरमौर,नहीं हो इसका सानी।
चाहे जो हो क्षेत्र ,न हो पिछड़ों में गिनती।
दे दो यह वरदान,सुनो बच्चों की विनती।।
डाॅ बिपिन पाण्डेय